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ग्रामीण भंडार योजना

इ भाग मे किसानक कें लेल महत्वपूर्ण ग्रामीण भंडार योजना कें जानकारी देल गेल छै. जे किसानक कें लेल कई तरह सं उपयोगी छै.

ग्रामीण भंडार योजना एकटा परिचय

देश मे इ बात के आवश्यकता महसूस कैल जा रहल चै कि किसान समुदाय कें भंडारण कें वैज्ञानिक सुविधाक प्रदान कैल जै ताकी उपज कें हानी आ नुकसान रोकल जा सकई. अई सं किसानक कें ऋण संबंधी जरूरत पूरा कैल जा सकइए. जखन बाजार मे ओकर दाम कम होई. ग्रामीण गोदामक नेटवर्क बनेला स छोट किसानक भंडारण क्षमता बढैल जा सकई छै. अइ सं ओ अपन उपज आई समय बेच सकई जखन कि ओकरा बाजार मे बेसी कीमत भेट रहल छै आ कोनों तरह क दबाब मे बिक्री स ओकरा बचैल जा सकतई.

उद्देश्य

ई कार्यक्रम कें मुख्य उद्देश्यक मे कृषि उपज आ संसाधित कृषि उत्पादक कें भंडारण कें किसान कें जरूरत पूरा कर कें लेल ग्रामीण क्षेत्रक मे अनुषंगी सुविधाक कें संग वैज्ञानिक भंडारण क्षमता कें निर्माण कृषि उपज कें बाजार मूल्य मे सुधार के लेल ग्रेडिंग मानकीकरण आ गुणवत्ता निंत्रण कें बढावा देवई कें वायदा वित्त व्यवस्था आ बाजार ऋण सुविधा प्रदान करईत फसल काटा कें लेल तत्काइल बाद संकट आ दबावक कें कारण फसल बेचक कें किसानक कें मजबूरी समाप्त कर कें कअषि जिन्सक कें संदर्भ मे राष्ट्रीय गोदाम प्रणाली प्राप्तिक कें शुरूआत करइत देशा मे कृषि विपरन ढांचा मजबूत करनाई शमिल छै. एकरा दूवारा निजी आ सहकारी क्षेत्र कें देश मे भंडारण ढांचा कें निर्माण में निवेश कर कें लेल प्रेरित करइत कृषि क्षेत्र मे लागत कम कर मे मदद कैल जा सकई छै.

स्थान

इ कार्यक्रम कें अधीन उद्ययमी कें ई बात कें आजादी छै कि ओ अपन वाणिज्यिक निर्णय कें मो ताबिक कोनों स्थान पर गोदाम कें निर्माण करई सकइए छै. परंतु गोदाम कें स्थान नगर निगम क्षेत्र कें सीमा सं बाहर होना चाही. खाद्यय प्रसंस्करण उद्योयगमंत्रलय दूवारा प्रान्नत फूड पार्को मे बनाइल जा रहल ग्रामीण गोदाम से हो ई कार्यक्रम कें अधीन सहायता प्राप्त कर कें पात्र छै.

आकार

गोदाम कें क्षमता कें निर्णय उद्ययमी दूवारा कैल जतई. मुदा अई कार्यक्रम कें अंतगर्त सब्सिडी प्राप्त कर कें लेल गोदाम कें क्षमता 100 टन स कम आ 50 हजार टन स अधिक नहि होबाक चाही. 50 हजार क्षमता तयक कें ग्रामीण गोदाम से हो अई कार्यक्रम कें अंतगर्त विश्ेष मामला कें रूप मे सब्सिडी प्राप्त भ सकई या. जे व्यवहार्यता विश्लेषण पर निर्भर करतई. पर्वतीय क्षेत्रक मे 25 टन क्षमता के आकार वाले ग्रामीण गोदाम से हो सब्सिडी कें हकदार हेतई.

स्थान आकार आ क्षमता कें संक्षेप मे अई प्रकार स देल जा सकई या.

लोकेशन, आकार आ क्षमता :

  • गोदाम म्युनिसिपल क्षेत्र कें सीमा कें बाहर होना चाही.
  • न्यूनतम क्षमता : 50 मैट्रिक टन
  • अधिकतम क्षमता : 10,000 मैट्रिक टन
  • गोदाम की ऊचाई : 4-5 मीटर से कम दहि होबाक चाहिए
  • गोदाम की क्षमता : 1 क्सूबिक मीटर क्षेत्न त्न 0-4 मैट्रिक टन कें गणना कें पैमाना

वैज्ञानिक भण्डारण कें लेल अपनाईल जा रहल पहिले कें शर्त कें संक्षेप मे अई प्रकार स देल जा सकई या.

पहिलक शर्ते कें संक्षेप मे अई प्रकार स देल जा सकई या.

  • सीपीडब्ल्यूडी/एसपीडब्ल्यूडी-कें विनिदेशानुसार निर्माण
  • कीटाणुओं सं सुरक्षा (अस्थाई सीडियों कें साथ ऊंचा पक्का क्लेटफार्म चूहारोधक व्यवस्था सहित)
  • पिक्षक सं सुरक्षा जाली वाला खिड़कीक/रोशनदान
  • प्रभावी धूम्रीकरण फयूमीगेशन कें लेल दरवाजक, खिड़कीक कें वायु अवरोधकता
  • गोदाम कॉम्पलेक्स मे निम्न सुविधाक होबाक चाही.
  • सुगम पक्की सड़क
  • पक्की आंतरिक सड़कक
  • जल निकासी कें समुचित व्यवस्था
  • अग्नि शमन/ सुरक्षा व्यवस्था
  • सामान लादने/ उतारक कें उचित व्यवस्था

ऋण सं संबंधित सहायता

अई कार्यक्रम कें अंतगर्त सब्सिडी संस्थागत ऋण सं संबंध होइत अछि आ केवल ऐहन परियोजना कें लेल देल जाइ छै जे वाणिज्यिक बैंकक क्षेत्री ग्रामीण बैकक राज्य सहकारी कृषि व ग्रामीण विकास बैंकक,कृषि विकास वित्त निगमक , शहरी सहकारी बैंकक आदि सं वित्त पोषित कैल गेलई होई.

कार्यक्रम कें अंतगर्त सब्सिडी गोदाम कें प्रचालन कें लेल कार्यात्मक दृष्टि सं अनुषंगी सुविधाक जैनाचाहर दिवारी, भीतरी सडक , फ्लेटफार्म, आंतरिक जल निकासी प्रणाली कें निर्माण ,धर्मकांटा लगावक , ग्रेडिंग, पैकेजिंग ,गुणवत्ता प्रमाणन, वेयरहाउसिंग सुविधाक समेत गोदाम कें निर्माण कें पूंजी लागत पर देल जाइ छै.

वायदा ऋण सुविधा

अई गोदामक मे अपन उपज राख वाला किसानक कें अपन उपज गिरवी राइख क वायदा ऋण प्राप्त कर कें पात्र समझल जैतई. वायदाक ऋणक कें नियम व शर्तक ब्याज दर गिरवी राख कें अवधि राशि आदी कें निर्धारण रिजर्व बैंक/ नार्बड दूवाराजारी निर्देशक आ वित्तीय संस्थानक दूवारा अपनाइल जा रहल सामान्य बैकिंग पद्धतियक कें अनुसार कैल जतई.

बीमा

गोदाम कें बीमा के जिम्मेवारी गोदाम कें मालिक कें हेतई.

सब्सिडी

सब्सिडी कें दरक अई प्रकार होइत :-

(क) अजा/ अजजा उद्यमियक आ ई समुदायक सं संबंध सहकारी संगठनक तथा पूर्वोत्तर राज्यक, पर्वतीय क्षेत्रक मे स्थित परियोजनाक कें मामलक मे परियोजना कें पूंजी लागत कें एक तिहाई (33.33 प्रतिशत) सब्सिडी कें रूप मे देल जेतई, जेकर की अधिकतम सीमा 3 करोड रुपया होइत.

(ख) किसानक कें सब श्रेणीक कृकरोड षि स्नातक आ सहकारी संगठनक स संबंधित परियोजना कें पूंजी लागत कें 25 प्रतिशत सब्सिडी देल जेतइ. जेकर की अधिकतम सीमा 2.25 रुपया होइत.

(ग) अन्य सब श्रेणीक कें व्यक्तियक कंपनिक आ निगमक आदी कें परियोजना कें पूंजी लागत कें 15 प्रतिशत सब्सिडी देल जेतई जेकर कि अधिकतम सीमा 1.35 करोड रुपया होइत.

(घ) एनसीडीसी कें सहायता स केल जा रहल सहकारी संगठनक कें गोदामक कें जीर्णोद्धार कें परियोजना लागत कें 25 प्रतिशत सब्सिडी देल जेतअई.

(ड) कार्यक्रम कें अंतगर्त सब्सिडी कें प्रयोजन कें लेल परियोजना कें पूंजी लागत कें गणना निम्नांकित अनुसार कैल जेतअई.

(क)1000 टन क्षमता तक कें गोदामक कें लेल वित्त प्रदाता बैंक दूवारा मूल्यांकित परियोजना लागत या वास्तविक लागत या रुपया 3500 प्रति टन भंडारक क्षमता की दर स आवा वाला लागत अई मे जे कम होए.

(ख) 1000 टन स अधिक क्षमता वाला गोदाम कें लेल बैंक दूवारा मूल्यांकित परियोजना लागत या वास्तविक लागत या रुपया 1500 प्रति टन कें दर स आवा वाला लागत , अइ मे जे कम होए.

वाण्ििज्यक /सहकारी बैंकक आ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकक दूवारा वित्त पोषित परियोजनाक कें मामलक मे सब्सिडी नाबार्ड कें दूवारा जारी कैल जेतई . ई राश् िवित्तप्रदाता बैंक कें सब्सिडी रिजर्व खाते मे राख जेतई आ कर से मुक्त हेतई.

स्त्नोत: एमवीएस प्रसाद(संयुक्?त निदेशक, पत्न सूचना कार्यालय, चेन्नई) द्वारा लिखित,पत्न सूचना कार्यालय(पसूका-प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो)

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