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आवश्यक तथ्यक कें संदेश

अइ भाग मे जीवन कें आवश्यक तथ्यक कें संदेश कें जानकारी संक्षिप्त मे देल गेल छै।

जीवन के आवश्यक तथ्यों के संदेश

जीवन कें तथ्यक सं संकलित आवश्यक संदेश निम्नलिखित छै-

  • जखन दू बच्चाक कें जन्म मे कम सं कम दू साल कें अंतर राखल जाएयत, 18 साल कें उम्र सं पहिले आ 35 साल कें उम्र कें बाद गर्भधारण सं बचल जाएयत छै आ जखन एकटा महिला चाइर बेर सं बेसि गर्भधारण नहि करएयत छै, त महिलाक आ बच्चाक दूनू कें स्वास्थ्य काफी हद तइक सुधर सकएय छै।
  • जतेक गर्भवती महिलाक मातृत्व संबंधी देखभाल कें लेल स्वास्थ्य कार्यकर्ता कें पास जाऊं आ प्रसव कोनों कुशल प्रसव परिचारिका कें देखरेख मे करवाऊं। सभी गर्भवती महिलाक आ ओकर परजिन गर्भधारण कें दौरान पैदा हुअ वाला समस्याअक तथा चेतावनी संकेतक कें जानकारी राखूं आ कोनों सें हो समस्या पैदा हुअ पर तत्काल कुशल सहायता पावएय कें योजना राखूं।
  • बच्चा जन्म कें समय सं सें हों सीखना शुरू करएय दएयत छै। ओ ओय समय सबसे बेसि विकिसत होएयत आ सीखएय छै जखन ओय पर विशेष ध्यान देल जै, ओकरा प्यार देल जै आ प्रोत्साहित कैल जै। अइ कें अलावा अच्छा पोषण आ समुचित स्वास्थ्य सुविधाक सें हों ओकरा देल जेवाक चाही। बच्चा कें देखएय आ खुद कें संप्रेषित करएय कें लेल प्रोत्साहित करएय, खेलनाय आ खोजएय देवएय सं ओकरा सीखने तथा सामाजिक, शारीरिक आ बौद्धिक रूप सं विकिसत हुअएय मे मदद मिलएयत छै।
  • पहिले छह महीना तइक शिशु कें लेल मां का दूध ही एकमात्न भोजन आ पेय ही पर्याप्त होएयत छै। छह महीने कें बाद शिशुअक कें मां कें दूध कें अलावा अन्य खाद्य सामग्री कें जरूरत होएयत छै।
  • मां कें गर्भधारण या शिशु कें जन्म कें दू साल कें दौरान खराब पोषण सं बच्चा कें मानिसक आ शारीरिक विकास जीवन-भर कें लेल धीमा पइड़ सकएय छै। जन्म सं लं कं दू साल कें उम्र तइक बच्चाक कें हर माह वजन लेबाक चाही। यदि कोनों बच्चा दू माह मे वजन हासिल नहि करूं, त किच्छू गड़बड़ छै।
  • हर बच्चा कें जीवन कें पहिले साल कें दौरान कई तरह कें टीक ा कें जरूरत होएयत छै, ताकि ओकरा खराब विकास, विकलांगता आ मृत्यु कें ओर ले जै वाला बीमारियक सं बचायाल जा सकएय। गर्भधारण कें योग्य सब महिलाआक कें टिटेनस सं बचायाल जै चाही। यदि महिला कें पहिले ,एकर टीका लगाल होय, त सें हो भी ओकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता सं मशिवरा करनाय चाही।
  • दस्त लगाल बच्चा कें पीवय कें लेल ढेर सारा सही चीजक कें जरूरत होएयत छै- मां कें दूध, फलक कें रस या जीवन रक्षक घोल (ओरल डीहाइड्रेशन साल्ट)- संक्षेप मेओआरएस। अगर दस्त खूनी आ लगातार पतला दस्त भ रहल छै, त बच्चा खतरा मे छै आ ओकर इलाज कें लेल तुरंत स्वास्थ्य केंद्र लं जैबाक चाही।
  • खांसी या सर्दी सं परेशान ज्यादातर बच्चा अपन आप ठीक भ जाएयत छै। मुदा अगर खांसी लागल बच्चा तेजी सं या मुश्किल सं सांस ल रहल छै,त बच्चा खतरा मे छै आ ओकर इलाज कें लेल तुरन्त स्वास्थ्य केंद्र ल जेबाक जाने कें जरूरत छै।
  • कतेकों बीमारियक कें बचाव साफ-सफाई कें निक आदतक कें जरिये कैल जै सकएय छै - साफ शौचालय या संड़ास कें इस्तेमाल कयर, शौच करएय कें बाद आ भोजन कें इंतजाम करएय स पहिले साबुन आ पाइन या राख आ पाइन सं हाथक कें धो कं, सुरिक्षत जगह कें पाइन कें इस्तेमाल करएय, आ भोजन आ पानी कें साफ राइख कं।
  • मलेरिया, जे की मच्छर काटएय सं फैलएयत छै, घातक भ सकएय छै। जत की मलेरिया आम छै, ओ सुझाएय गेल कीटनाशकक कें छिड़काव कें गेल मच्छरदानी कें इस्तेमाल कैल जेबाक चाही। बुखार मे तप रहल बच्चाक कें प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता सं जांच कराएल जेबाक चाही आ गर्भवती महिलाआक कें स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा सुझायएल गेल मलेरिया भगावएय कें गोली लेबाक चाही।
  • एड्स जानलेवा, मुदा रोकल जै सकएय वाला रोग छै। एचआईवी, एड्स पैदा करएय वाला विषाणु, असुरिक्षत शारीरिक रिश्ता बनेनाय ; निरोध कें बगैर संभोग, बिना जांच खून चढ़ावएय , दूषित सुई या सिरिंज कें इस्तेमाल करएय कें जरिये, आ संक्र मित महिला सं गर्भावस्था, प्रसव या अपन दूध पिलावएय कें दौरान बच्चा तइक फैलएयत छै।
  • एचआईवी/एड्स आ ओकर रोकथाम कें बारे मे जाननाय हरेक कें लेल जरूरी छै। ज्यादातर शारीरिक रिश्ताक सं हुअ वाला संक्र मण कें खतरा कें सुरक्षित शारीरिक रिश्ताक कें जरिये घटाएल जै सकएय छै। संक्र मण सं घिरी या घिर सकएय वाला महिलाआक कें अपन स्वास्थ्य बचेनाय आ अपन शिशुअक कें संक्र मण कें शिकार भ जै के खतराक कें कम करएय कें जरूरी जानकारी, सलाह आ जांच कें सुविधा उपाधि प्राप्त स्वास्थ्य कार्यकर्ता सं लेबाक चाही।
  • कतेक गंभीर हादसक कें बचाव कैल जा सकएय छै, अगर माता-पिता या देखभाल करएय वाला छोट बच्चाक पर सतर्क निगाह राखूं आ ओकर वातावरण सुरक्षित बनैएल राखूं।
  • आपदा या आपात कें हालात मे, बच्चाक कें खसराक कें टीकाकरण आ पोषण कें सूक्ष्म पूरकक समेत स्वास्थ्य कें जरूरी देखभाल मिलवाक चाही। तनाव भरल माहौल मे बच्चाक कें लेल यह हमेशा निक रहतय ओकर देखभाल माता-पिता या परिचित पइग-बुजुर्ग करूं। संकट कें घड़ी मे मां कें दूध खासतौर पर महत्वपूर्ण छै।

स्त्नोत : यूनीसेफ

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