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चोट सं बचाव

अइ आलेख मे चोट स बचाव कें विषय मे विस्तार सं जान्देल गेल छै।

चोट सं बचाव कें सूचना कें प्रसार व ओइ कें अनुसार कार्य करना क्याक आवश्यक छै?

प्रतिवर्ष 7,50,000 बच्चाक कें चोट कें कारण मृत्यु भ जाएयत छै। अन्य 40 करोड़ गंभीर रूप सं घायल भ जाएयत छै। अइ मे सं कइर्क चोटक मस्तिष्क कें क्षति पहुंचावा वाला अथवा स्थाई क्षति पहुंचावा वाली होएयत छै। बच्चाक मे मृत्यु व विकलांगता कें प्रमुख कारण चोट या क्षति पहुंचनाय छै।

सबसे सामान्य क्षति गिरनाय, जलनाय या सड़क दुर्घटना सं होयत छै। अइ मे सं अधिकांश क्षतियां घर कें आस-पास ही घटित होएयत छै। अइ मे सं सब कें बचाव कैल सकएय छै। यदि अभिभावकाक कें इ पता होय की चोट पहुंचेनाय कें बाद की कैल जाना चाही त अइ मे सं कईक कें गंभीरता कम कैल जा सकएय छै।

चोट सं बचाव कें मुख्य संदेश-१

यदि अभिभावक अथवा बच्चाक कें ध्यान रखाय वाला व्यक्ति सजग रहूं व बच्चाक कें खेलनाय कें स्थान कें सुरिक्षत रखा जाए त बहुत सं क्षतियक टालल जा सकएय छै।

18 माह सं लगा कं 4 वर्ष तइक कें बच्चाक कें ज़ोखिम व मृत्यु सं बचाना सब सं ज्यादा ज़रूरी छै। अस मे सं अधिकांश दुर्घटनाक घर पर होएयत छै। अइ मे से सब कें बचाव कैल जा सकएय छै।

घर पर हुअ वाला दुर्घटनाआक कें मुख्य कारण छै।

  • आग सं जलनाय, स्टोव, ओवन, खाना पकावएय कें बर्तन, गरम खाना, उबलल भेल पाइन, वाष्प, गरम घी या तेल, पैराफिन लैंप, इस्त्नी व विद्युत उपकरण
  • टूटल कांच, चाकू, कैंची या कुल्हाड़ी सं कट जानाय
  • पलंग, खिड़की, मेज़ या सीढ़यिक सं गिर जानाय
  • सिक्क ाक, बटन या किसी गिरी कें गला मे फंस जानाय
  • ब्लीच व डिटर्जेन्ट, पैराफिन या कैरोसिन अथवा कीटनाशक सं ज़हर कें प्रभाव पड़नाय
  • खुलल या टूटल भेल बिजली तार सं करंट लाइग जानाय अथवा ओकर स्विच मे कोनों नुकीली वस्तु आदी डालनाय

जे कोनों वस्तु सक्रि य होय आ ओ छोटे बच्चाक कें लेल खतरनाक होय, ओय सं ओकरा दूरे राखल जानाय चाही।

बच्चाक सं लंबे समय तइक काम नहीं करवाना जै चाही जइ सं ओकरा लेल ज़ोखिम उत्पन्न भ जाय अथवा ओकर पढ़ाई-लिखाई कें दिनचर्या अव्यविस्थत भ जाय। बच्चाक कें भारी काम तथा खतरनाक उपकरण व ज़हरीला रसायनाक सं बचैल जैबाक चाही।

चोट सं बचाव कें मुख्य संदेश-२

बच्चाक कें आइग, रसोई चूल्हा, लैंप, सलाइ आ बिजली उपकरणक सं दूर राखाय जैबाक चाही।

जलन, नन्हा बच्चाक मे सामान्यत: हुअ वाला दुर्घटना कें उदाहरण छै। बच्चाक कें खाना पकावय कें चुल्हा, उबलल पाइन, गरम खाना व गरम इस्त्नी आदी कें छुवय सं मना कैल जेबाक चाही। जलनाय सं गंभीर क्षति व स्थायी दाग पइड़ सकएय अछि तथा कतेक घाव खतरनाक सें हों हो भ सकएय छै. अइ मे सं अधिकांश दुर्घटनाआक कें टालल जा सकएय छै।

जलनाय सं सुरक्षा कैल जै सकएय छै।

  • नन्हा बच्चाक कें आइग, सलाइ व सिगरेट सं दूर राइख कं
  • स्टोव आदी कें सपाट व ऊंची सतह पर राइख कं जइ सं ओ बच्चाक कें पहुंच मे नहि होय यदि ख्लल मे खानाय पकायाल जा रहल होय त मिट्टी कें चूल्हा ओकर आस-पास बनायाल जेबाक चाही। सीधे ज़मीन पइर आइग जला कं खाना नहि बनाऊं
  • सब खाना पकावय कें बर्तनक कें हाथ बच्चाक कें पहुंच सं दूर राखल जाऊं
  • पेट्रोल, पैराफिन, लैंप, सलाइ, लाईटर, गरम इस्त्नी आ बिजली तार आदी कें बच्चाक कें पहुंच सं दूर रखनाय चाही।

बच्चा यदि पावर सॉकेट मे हाथ डालएयत छै , तखन ओकरा गंभीर नुकसान भ सकएय छै। पावर सॉकेट्स कें सही तरीक ा सं बंद कैल जेबाक चाही जइ सं ओ बच्चाक कें पहुंच सं दूर होंय।

बिजली तारक कें बच्चाक कें पहुंच सं दूर राखाल जबेाक चाही। खुलल बिजली तार खास कं ज्यादा खतरनाक होएयत छै।

चोट सं बचाव कें मुख्य संदेश-३

बच्चाक कें ऊपर चढ़नाय बड़ा निक लगएयत छै। पीढियां, बालकनी, छत, खिड़की व खेलनाय कें स्थान सरक्षित रहएय जइ सं बच्चाक कें गिरनाय सं बचायल जा सकएय।

चोट, हड्डी टूटने व गंभीर चोटों का मुख्य कारण बच्चों का गिरना होता है और इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है:

  • बच्चाक कें असुरिक्षत स्थानाक पर चढ़नाय सं रोकल जाए
  • बालकनी, खिड़की व सीढ़ियक कें रेलिंग लगा क सुरक्षित कैल जै।
  • घर कें साफ आ रोशनी सं युक्त राखल जै

चोट सं बचाव कें मुख्य संदेश-४

चाकू, कैंची, तेज़ धार वाला या नोंकक वाला उपकरण अथवा टूटल कांच, क्षति पहुंचा सकएय छै। ऐहन वस्तुअक कें बच्चाक कें पहुंच सं दूर राखल जेबाक चाही।

टूटल कांच सं शरीर कें अंग कइट सकएय छै आ आय सं खून निकल सकएय व संक्र मण सें हो फैल सकएय छै। कांच कें बोतलल कें बच्चाक कें पहुंच सं दूर राखल जेबाक चाही व खेलनाय कें स्थान कें टूटल कांचल सं अलग रखनाय चाही। छोटक बच्चाक कें इ सिखायाल जै की ओ टूटल कांच कें हाथ नहि लैगा, कनिक पइग बच्चाक कें ओकरा सही स्थान पइर फेंकनाय कें शिक्षा देल जेबाक चाही।

चाकू, रेज़र व कैंची कें छोटे बच्चाक कें पहुंच सं दूर रखानाय जै चाही बड़े बच्चों को इनके सुरिक्षत उपयोग का तरीका सिखायाल जेबाक चाही।

धारदार औजार, मशीन व जंग लागल केन कें कारण सकंक्रमित घाव भ सकएयत छै। बच्चाक कें खेलनाय कें स्थान अइ सब सं दूर होबाक चाही। घरक कचरा, जइ मे टूटल बोतलक आ पुरान डिब्बा आदी होय, ओकरा सही तरीक ाक सं फेंका जाना चाहि।

अन्य चोटक सं बचाव कें लेल बच्चाक कें सुरिक्षत तरीक ाक सिखायल जा सकएय छै, जैना- पत्थर नहि फेंकनाय, धारदार वस्तुअक कें उपयोग नहि करनाय, जैना चाकू व कैंची आदी

चोट सं बचाव कें मुख्य संदेश-५

बच्चाक कें वस्तुएं अपन मुंह मे डालनाय निक लगएयत छै। ऐहन मे छोट वस्तुएक ओकर पहुंच सं दूर रखबाक जै चाही जइ स ओ ओकर गला मे नहि फंइस जै ।

खेलनाय व सुत कें कें छोट वस्तुअक जैना बटन , सिक्का , बीज आदी मुक्त राखल जैबाक चाही ।

बहुत छोटक बच्चाक कें मूंगफली, छोटक भाग मे बटल भेल खेनाय अथवा न्नहा हड्डियक व बीजक सं युक्त खेनाय नहि देवाक चाही।

छोट बच्चाक कें ओकर भोजन कें समय कखनों सें हों अकेला नहि छोड़नाय चाही। ओकर भोजन कें सुविधाजनक बना कं देल जेबाक चाही।

खांसी आना, सांस रूकनाय आ ऊंची आवाज़ मे ज़ोर सं चिल्लानाय अथवा सांस लेनाएय व आवाज़ निकालएय मे परेशानी होनाय, इ गला मे कोनों चीज कें फंइस जै कें लक्षण छै। गले मे किच्छू सें हो फंसनाय, जान ज़ोखिम मे डालनाय वाला आपात स्थिति होएयत छै।

यदि बच्चाक कें कोनों वस्तु मुंह मे लेते हुए नहि देखल होय, तखन तइक यदि बच्चा कोनों प्रकार कें अलग लक्षण दिखावाएय छै त परिवार कें सदस्यक कें ओकर गला कें जांच करनाय चाही।

चोट सं बचाव कें मुख्य संदेश-६

ज़हर, दवाईयां, ब्लीच, एसिड आ तरल ईंधन जैना पैराफिन कें क खनों पेयजल कें बोतलक मे नहि राखबैक जै चाही। अइ प्रकार कें समस्त तरल पदार्थोक कें विशेष बोतलक मे राखनाय जै चाही। जे कि बच्चाक कें पहुंच सं दूर होय

बच्चों कें ज़हर कें असर होनाय बड़ा खतरनाक भ सकएय छै। ब्लीच, कीटाणुनाशक व चूहा मार दवा, पैराफिन व घरेलू डिटर्जेन्ट सं बच्चाक कें स्थायी नुकसान भ सकएय छै।

कतेक ज़हर ऐहन होएयत छै की जेकर सिर्फ निकलाल जेना ही ज़हरीला नहि होयत इ निम्न प्रकार सं शरीर मे जै पर सें हो ओ मस्तिष्क व आइखक कें स्थायी नुकसान पहुंचा सकएयत छै, यदि उन्हें-

  • सूंघल जै
  • बच्चा कें आइख या त्वचा पर लगैल जै
  • बच्चाक कें कपड़ा पइर लगैल जै

यदि ज़हर कें शीतल पेय, बीयर कें बोतल, जार या कप मे राखल जै , तखन बच्चा गलती सं ओकरा पी सकएयत छै । सब ज़हर, रसायन व दवाईयक कें ओकर सही बोतलक व बर्तनक मे सही तरीक ाक सं बंद कर रकबाक जै चाही।

डिटर्जेन्ट, ब्लीच, रसायन व दवाईयक कें बच्चाक कें पहुंच सं दूर राखल जेबाक चाही। वै सही तरीके सं बंद कर लेबल लगा देबाक जै चाही। ओकरा कोनों पेटी मे बंद कं अथवा काफी ऊंचाई पर रखबाक जै चाही जइ सं बच्चाक ओत पहुंच नहि सकएय।

वयस्कक कें लेल बैनाल गेल दवाइयक छोट बच्चाक कें लेल खतरनाक भ सकएय छै। बच्चाक कें सिर्फ ओकरा लेल लिखल गेल गये नुस्खा कें अनुसार हीं दवाइ देबाक जै चाही ना ही कोनों वयस्क अथवा अन्य बच्चा कें लेल लिकल गेल दवाइ।

न्एन्टीबायोटिक्स कें बेसि अथवा गलत उपयोग करएय सं बच्चाक मे बहरापन कें समस्या आयब सकएय छै। बच्चाक कें दवाईयक सही नुस्खा कें अनुसार ही देल जेबाक चाही।

एस्प्रनि सं सब सं बेसि ज्यादा नुकसान होएयत छै अही लै एकरा बच्चाक कें पहुंच सं दूर राखल जै चाही।

चोट सं बचाव कें मुख्य संदेश-७

बच्चे मुश्किल सं दो मिनट कें समय मे ही पाइन मे डूइब सकएय छै आ काफी कम मात्ना मे पाइन हुअ पइर पर इ होए कें आशंका होएयत छै। पाइन कें नज़दीक हुअ पइर बच्चाक कें कखनों अकेले नहि छोड़बाक चाही।

कुआँ, टयूब आ पाइन कें बाल्टियक कें ढँइक कं रखबाक चाही।

बच्चाक कें कनिक पइग हुअ पइर तैराकी सिखेनाय चाही जइ सं ओ डुबएय सं बइच सकएय।

बच्चाक कें अतिवेग सं बहित पाइन मे अथवा अकेले मे तैरनाय कें इजाज़त नहि दिअ।

चोट से बचाव कें मुख्य संदेश-८

5 वर्ष सं कम उम्र कें बच्चाक कें रास्ते पइर बेसि खतरा होएयत छै। ओकरा साथ सदा कोइ न कोई होबाक चाही जे ओकरा सड़क पइर सुरुक्षित चलएय कें तरीका समइझ सकएय जइ स ओ आगू चलय कं चलकर सड़क पर सुरक्षित रहे

छोट बच्चाक सड़क पर दौड़एय सं पहिले साचएय नहि छै। परिवार कें सदस्यक कें उनका खास ध्यान रखना चाही।

बच्चाक कें सड़क कें नज़दीक नहि खेलबाक चाही , खासकर यदि ओ गेंद से खेल रहल होय।

बच्चाक कें सड़क कें एक ओर चलनाय सिखाया जेबाक चाहि

सड़क पार करएयत समय बच्चक के सिखाऊं की वे

  • सड़क कें एक ओर खड़ा रहूं।
  • सड़क कें पार करएयत समय दूनू ओर देखूं।
  • कार या अन्य गाड़ियक कें आवागमन पइर ध्यान दिअ।
  • कोनों पइग व्यक्ति कें हाथ पकइड़ सड़क पार करूं
  • पैदल चलूं, दौड़े नहि।

पइग बच्चाक कें छोट बच्चाक कें ध्यान राखय कें लेल कहावक जै चाही।

पइग बच्चाक मे साईिकल कें कारण हुअ वाला दुर्घटनाएं आम छै। परिवार अपन साईिकल चलावय वाला बच्चाक कें बचा सकते हैं यदि उन्हें सही सड़क नियमक कें ज्ञान होय। साईिकल चलाते समय बच्चाक द्वारा हैलमेट या सिर कें सुरक्षा करएय वाला धन पहनने चाहिये

बच्चा यदि कार कें पहली सीट पर अथवा असुरक्षित रूप सं ट्रक मे सफर कर रहल होय त ओ सब ज्यादा असुरिक्षत होएयत छै।

उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हुअ तइक निम्न प्राथमिक चिकित्सा कें उपयोग मे लेबाक जै चाहि।

प्राथमिक चिकित्सा सलाह :

जरएय कें लेल प्राथमिक चिकित्सा:

  • यदि बच्चा कें कपड़ा मे आइग लाइल होय तं ओकरा जल्दी सं एकटा कंबल मे लपइट अथवा ज़मीन पर लोट-पोट कयर आइग सं बचाऊं।
  • जलल हिस्से कें जल्दी सं ठंडा करूं। काफी सारा ठंडा व साफ पाइनी इस्तेमाल करूं। यदि जलन बेसि है, तखन बच्चा कें कोनों टब या पानी भरल हौज मे राखूं। जरल भेल हिस्सा कें ठंडा हुअ मे आधा गंटाक कें समय लगएय सकएय
  • प्रभावित हिस्सा कें सूखल व साफ राखूं तथा ओकरा हल्का बैंडेज सं बांध दिअ। यदि जलन एकटा सिक्क ा कें आकार सं ेबेसि छै अथवा जलन सं रिसाव भ रहल छै, तखन बच्चा कें स्वास्थ्य सहायता केन्द्र लं जाऊं। यदि फफोले भ रहल छै, तखन ओकरा फोड़ा नहि। ओ प्रभावित भाग कें सुरक्षा कें लेल होएयत छै।
  • यदि जले भाग पर किचछूक चिपक गेल होय तं ओकरा खींचू नहि। जरलल स्थान पर ठंडा पानी कें अलावा किच्छू नहि डालूं।
  • बच्चा कें कोनों तरल जैना पाइन या फलक कें रस व आएय मे नमक व शक्कर डालक्ष्ल कं दिओ।

बिजली करंट लाइग जैला पर प्राथमिक चिकित्सा:

  • यदि बच्चा कें बिजली कें करंट लाइग गेल छै अथवा आइग पकइड़ लेने छै, तखन बच्चा कें छूअएय सं पहिले बिजली आपूर्ति कें बंद करएय दिओ। यदि बच्चा बेहोश भ गेल छै, तखन ओकर देह कें गरम राखूं आ तुरंत चिकित्सकीय सहायता लिअ।
  • यदि बच्चा कें सांस लेवएय मे तकलीफ भ रहल छै अथवा ओ सांस नहि ल रहल छै, तखन ओकरा सीधा लेटा कं ओकर मूंह कें कनिक टेढ़ा करूं। ओकर नथुना दबा कं मुंह मे ज़ोर सं सांस भूरू। काफी ज़ोर सं सांस भरू जइ सं ओकर छाती फूइल सकएय। ,करा तखन तइक करूं जखन तइक बच्च सांस नहि लेवएय लगएय।

गिरएय अथवा सड़क हादसक कें समय प्राथमिक चिकित्सा:

  • यदि चोट सिर मे या मेरूदंड मे छै, तखन ओ खतरनाक भ सकएय छै। क्याकि अस सं स्थायी लकवा भ सकएय छै अथवा इ जीवन कें जोखिम मे डाइल सकएय छै। सिर आ पीठ कें हलचल कें नियंत्नण मे लिअ आ पीठी कें कोनों प्रकार कें हलचल सं बचाऊं जइ सं आगू चोट नहि लगएय ।
  • यदि बच्चा हिल नहि पा रहल छै अथवा बहुत बेसि दर्द मे छै त एकर मतलब छै की ओकर हड्डी टूट गेल छै। प्रभावित भाग कें नहि हिलाऊं । ओकरा सीधा व सरल राखूं व जल्दी सं चिकित्सकीय सहायता लिअ।
  • यदि बच्चा बेहोश छै, तखन ओकर शरीर कें गरम राखूं व जल्दी सं चिकित्सकीय सहायता लिअ।
  • गहरा चोट व ज़ख्म कें लेल प्रभावित भाग कें ठण्डा पाइन सं सं धोऊं या ओय पर 15 मिनट कें लेल बर्फ राखूं। बर्फ कें सीधा त्वचा पर नहि रकबाक चाही। चोट लगाल स्थान व बर्फ कें बीच एकटा कपड़ा राखूं। 15 मिनट कें बाद बर्फ हटा दिअ आ 15 मिनट देखूं। अइ प्रक्रि या कें आवश्यकता पड़एय पर दोहराऊं । ठंडक सं दर्द, फूलना व जख्म कें ठीक होय मे मदद मिलतय।

कटल व छिलल पर प्राथमिक चिकित्सा:

छोट सनक कटाव व छिलनाय

  • घाव कें साफ पाइन व साबुन सं धोऊं।
  • घाव कें आसपास कें त्वचा कें सुखा लिअ।
  • घाव कें साफ कपड़ा सं ढइक कं ओय पर बैंडेज़ बांध दिओ।

गहरा घावाक कें लेल :

  • यदि घाव मे कांच कें टुकड़ा अथवा कोनों अन्य वस्तु घुसल होय त ओकरा निकालूं। संभव छै कि ओय कें कारण जख्म दबल होय व ओकरा निकाला जैला पर बेसि रक्तस्राव हुअ लगतय।
  • यदि बच्चा कें बेसि रक्तस्राव भ रहल छै त प्रभावित भाग कें छाती सं ऊपर राइख कं घाव कें उल्टी दिशा मे दबाव दिअ। अइ मे साफ कपड़ा कें एकटा बंधन बना कं ओकरा खून कें रूकइ तइक बांधाल जा सकएय छै।
  • कोनों प्रकार कें पत्ता या अन्य लेप आदी घाव पर नहि लगाऊं।, अइ सं संक्र मण भ सकएय छै।
  • घाव पर बैंडेज बांधूं। सूजन भेला पर पक्का नहि बांधूं
  • बच्चा कें स्वास्थ्य केन्द्र पर लं जाऊं व जल्दी सं चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवाऊं। स्वास्थ्य कर्मचारी सं पूछूं की बच्चा कें टिटेनस कें टीका लगा सकएय छै।

गला मे किच्छू फंसला पर प्राथमिक चिकित्सा:

  • यदि बच्चा खांसकर ओ वस्तु कें गला सं बाहर निकालनाय चाहएयत छै, तखन ओ परेशान नहि करूं आ ऐहन करएय दिओ। यदि वस्तु आसानी सं नहि निकल रहल होंय, एहन मे ओ जल्दी सं बच्चा कें स निकालाएय कें प्रयत्न करूं।
  • यदि वस्तु फेर सं बच्चा कें गला मे फंसल रहल छै, तखन:

नवजात शिशु व छोट बच्चों कें लेल :

सिर व गला कें सहारा दिअ। बच्चे कें मुख कें नीचा राखय कें प्रयत्न करूं। कंधा कें मध्य पांच बेर मुक्का मारूं। आब बच्च कें सीधा करएय ओकर छाती पर दबा कं वस्तु कें बाहर निकालएय कें प्रयत्न करूं। अइ प्रक्रि या कें दू-तीन बेर दोहराऊं जखन तइक कें फंसल हुएल वस्तु बाहर नहि निकल जाइत। यदि अहां अइ तरीक ाक सं वस्तु कें नहि निकाल पा रहल छै तखन जल्दी सं चिकित्सकीय सहायता लिअ।

पइग बच्चा कें लेल :

बच्चा कें पाछूं खड़ा रइह कं उसकी छाती पर अपन हाथ राखूं। आब ओकरा पसलियक कें पास सं ज़ोर सं दबाऊं। पीछूं सं सें हों दबाएल भेल वस्तु कें बाहर निकल जै तइक अइ प्रक्रि या कें दोहराऊं। यदि अइ प्रयासक सं वस्तु बाहर नहि निकलती छै, तखन चिकित्सकीय सहायता लिअ।

सांस कें तकलीफ या डुबएय पर प्राथमिक चिकित्सा:

यदि आं कें ऐहन लगएय छै की बच्चा कें सिर या गला क्षतिग्रस्त भेल छै, तखन ओकरा नहि हिलाऊं आ निम्न सावधानियक कें पालन करूं-

  • यदि बच्चा कें सांस लेवएय मे तकलीफ भ रहल छै या वह सही सं सांस नहि ल पा रहल छै, तखन ओकरा सीधा लेटा कं ओर मुख कें कनिक टेढ़ करूं। ओकरर नथुने दबा कं मुंह मे ज़ोर सं सांस भरूं। सांस एतेक जोर सं भरूं की ओकर छाती फूल सकएय। एकरा तखन तइक करूं जखन तइक बच्चा सांस नहि लेवएय छै
  • यदि बच्चा सांस ल रहल, मुदा बेहोश छय त ओकरा लोट पोट करएय जइ सं ओकर ज़बान सं सांस लेवएय मे अवरोध नहि पैदा होय।

ज़हरीले प्रभाव पर प्राथमिक चिकित्सा:

  • यदि बच्चा ज़हर खा लेने छय तखन ओकरा उल्टी आदी करवाएय कें प्रयत्न नहि करूं, अइ सं बच्चा आ बेसि बीमार भ सकएय छै
  • यदि ज़हर बच्चा कें कपड़ा या त्वचा पर छै, कपड़ा कें ज़ल्दी सं हटाऊं व काफी सारा पाइन डालूं। त्वचा कें कई बेर साबुन सं साफ करूं।
  • यदि ज़हर बच्चा कें आंइख मे चलैल गेल छै , तखन आइख कें लगभग 10 मिनट तइक निक सं धोऊं।
  • बच्चा कें जल्दी सं स्वास्थ्य केन्द्र या अस्पताल मे ल कं जाऊं। यदि संभव होय त जइ ज़हर कें असर भेल छै, ओकर किच्छू अंश या ओकर बोतल साथ लं जाऊं। बच्चा कें जतेक भ सकएय ओतवे स्थिर आ शांत राखएय कें कोशिा करूं।
  • स्त्रोत : यूनीसेफ

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