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स्टार्ट-अप इंडिया

अइ भाग मे स्टार्ट-अप इंडिया स जुड़ल जानकारी कें शामिल कैल गेल छै.

भूमिका

भारत सरकार कें एकटा प्रमुख पहल छै जेकर उद्देश्य देश मे स्टार्टअप्स आ नब विचारक कें लेल एकटा मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र कें निर्माण करनाय छै जइ सं देश कें आर्थिक विकास हाये एवं पइग पैमाने पइर रोजगार कें अवसर उत्पन्न होय.

स्टार्ट-अप एक्शन प्लान का संक्षेपण

स्टार्ट-अप योजना कें प्राप्त करय कें उद्देश्य सं भारत सरकार एकर एक्शन पालन या कार्ययोजना कें दर्शाने छै जे की उद्देश्य स्टार्ट-अप योजना कें सभक पहलुअक कें समाहित करयत छै.

स्टार्ट-अप एक्शन प्लान मुख्य रूप सं इ तीनटा पइग भागक मे विभाजित छै:-

  • सरलीकरण आ प्रारंभिक सहायता
  • समर्थन आ प्रोत्साहन अनुदान
  • उद्योग-शैक्षिकजगत (एकेडेमिया) भागीदारी आ उद्भवन

स्टार्टअप कें परिभाषा(केवल सरकारी योजनाअक कें लेल)

स्टार्टअप एकटा इकाई छै, जे भारत मे पांच साल सं बेसि सं पंजीकृत नहि छै आ जेकर सालाना कारोबार कोनों वित्तीय वर्ष मे 25 करोड़ टाका सं बेसि नहि छै. इ एकटा इकाई छै जे प्रौद्योगिकी या बौद्धिक सम्पदा सं प्रेरित नब उत्पादकक या सेवाआक कें नवाचार, विकास, प्रविस्तारण या व्यवसायीकरण कें दिशा मे काज करयत छै.

स्टार्ट-अप एक्शन प्लान

सरलीकरण आ प्रारंभिक सहायता

स्व-प्रमाणन पर आधारित अनुपालन व्यवस्था

इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स पइर नियामक कें बोझ कम करय छै ताकी ओ अपन मुख्य कारोबार पइर ध्यान केंद्रित कयर सकय आ अनुपालन कें लागत कम राइख सकय. नियामक व्यवस्थाक अइ प्रकार आ सरल एवं लचीली हेतय तथा निरीक्षण आ अधिक सार्थक एवं सरल होयत.

स्टार्टअप इंडिया हब

पूरे स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्न कें लेल एकटा संपर्क स्थान कें निर्माण जइ सं ज्ञान कें आदान-प्रदान एवं वित्त पोषण भ सकय . सरकार मुख्य हितधारक होयत एवं केंद्र तथा राज्य सरकारक, भारतीय आ विदेशी पूंजीपतियक, एंजेल नेटवर्क, बैंकक, इन्क्यूबेटरक, कानूनी भागीदारक, सलाहकारक, विश्वविद्यालयक आ अनुसंधान एवं विकास संस्थानक कें संग मिल क करतय .

मोबाइल एिप्लकेशन और पोर्टल का रॉल आउट करना

सरकार और नियामक संस्थानक कें संग स्टार्टअप्स कें लेल एकटा इंटरैक्टिव मंच कें रूप मे काज करतय. 1 अप्रैल, 2016 सं इ सभक प्रमुख मोबाइल / स्मार्ट डिवाइस प्लेटफार्मक पइर उपलब्ध करएल जतय.

कानूनी सहायता आ कम दइर पइर तेजी सं पेटेंट परीक्षण

बौद्धिक संपदा अधिकार कें बढ़ावा देवय आ जागरूकता लावय एवं नब स्टार्टअप्स कें सतत विकास आ तरक्की कें सुनिश्चित करय कें लेल , इ योजना पेटेंट दाखिल करय कें कार्य केंआसान कयर देतय.

स्टार्टअप्स कें लेल सार्वजनिक खरीद कें शिथिलीकृत मानदंड

एकर उद्देश्य अनुभवी कंपनियक कें तुलना मे स्टार्टअप्स कें लेल समान अवसर प्रदान करनाय छै. सरकार या सार्वजनिक उपक्र मक कें द्ववारा जारी निविदाआक कें मामले मे गुणवत्ता मानकक मे छूट कें बिना स्टार्टअप्स कें पूर्वानुभव/ टर्नओवर कें मानदंडक मे छूट देल जेतय.

स्टार्टअप्स कें लेल त्वरित निकासी

इ काजक योजना स्टार्टअप्स कें लेल असफलता कें स्थिति मे संचालन कें बंद करय मे आसानी प्रदान करतय. स्टार्टअप्स कें लेल एकटा इंसोल्वेंसी प्रोफेशनल प्रदान कैल जतेय . जे छह महीना कें समय मे लेनदारक कें भुगतान कें लेल कंपनी केंआस्तियक कें बेचय कें प्रभारी हेतय. इ प्रक्रि या सीमति देयता कें अवधारणा कें स्वीकार करतय.

समर्थन आ प्रोत्साहन अनुदान

स्टार्टअप्स कें लेल धन की व्यवस्था

सरकार प्रति वर्ष 2500 करोड़ टाका कें एकटा प्रारंभिक निधि आ चाइर साल की अविध मे कुल 10,000 करोड़ टाका की निधि कें स्थापना करतय.

स्टार्टअप्स कें लेल क्रेडिट गारंटी

स्टार्टअप्स कें लेल वेंचर ऋ ण उपलब्ध करावय कें लेल बैंकक आ अन्य उधारदाताअक कें प्रोत्साहित करय कें लेल, राष्ट्रीय क्र ेडिट गारंटी ट्रस्ट कंपनी (एनसीजीटीसी) कें माध्यम सं क्रेडिट गारंटी तंत्र / सिडबी द्ववारा प्रति वर्ष 500 करोड कें बजट कें प्रावधान अगले चार साल कें लेल करय कें विचार कैल जा रहल छै.

कैपिटल गेन पर कर में छूट

स्टार्टअप्स मे निवेश कें बढ़ावा देवय कें लेल सरकार हुनका कैपिटल गेन मे छूट देतय जकेरा की वर्ष कें दौरान पूंजीगत लाभ भेल छै आ जेकर सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त फंड ऑफ फंड्स मे अइ तरह कें पूंजीगत लाभ कें निवेश केने छै.

स्टार्टअप्स कें तीन वर्ष कें लेल टैक्स छूट

भारत मे स्टार्टअप्स की कार्यशील पूंजी आवश्यकता कें संबोधित करयत, विकास कें प्रोत्साहित करयवा आ ओकरा एकटा प्रतियोगी मंच प्रदान करय कें लेल स्टार्टअप्स कें मुनाफे कें तीन साल कें अविध कें लेल कर सं मुक्त रखल जेतय.

उचित बाजार मूल्य पइर निवेश मे टैक्स छूट

स्टार्टअप्स मे इन्क्यूबेटरक द्ववारा निवेश पइर निवेश कर सं मुक्त राखल जेतय.

उद्योग- शिक्षा जगत(एकेडेमिया) भागीदारी आ उद्भवन

अभिनव नब खोज कें प्रदर्शन एवं सहयोग मंच प्रदान करय कें लेल स्टार्टअप उत्सवक कें आयोजन -

भारत मे स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र कें मजबूत करय कें लेलसरकार नें राष्ट्रीय आ अंतरराष्ट्रीय स्तर पइर स्टार्टअप उत्सव शुरू करय कें प्रस्ताव कैने छै. इ संभावित निवेशकक, परामर्शदाताअक आ साथी स्टार्टअप्स कें सम्मिलित करयत एकटा व्यापक जन समुदाय कें समक्ष ओकर काज आ विचारक कें प्रदर्शन करय कें लेल एकटा मंच होयत.

अटल अभिनव मिशन (एआईएम) कें स्व रोजगार आ प्रतिभा उपयोग (सेतु) प्रोग्राम कें संग लॉन्च -

इ विशेष रूप सं प्रौद्योगिकी संचालित क्षेत्रक मे विश्व स्तर कें नवाचार हब, भव्य चुनौतिक, स्टार्टअप कारोबार आ अन्य स्वरोजगार गतिविधियक कें बढ़ावा देवय कें लेल एकटा मंच कें रूप में काज करतय.

सरकार सार्वजनिक निजी भागीदारी मे देश भर मे इन्क्यूबेटरक कें स्थापना कें लेल एकटा नीति आ ढांचाक कें निर्माण करतय.

राष्ट्रीय संस्थानक मेअभिनव केंद्रक कें स्थापना

देश मेअनुसंधान एवं विकास कें प्रयासक मे वृद्धि कें लेल सरकार राष्ट्रीय संस्थानक मे नवाचार आ उद्यमतिा कें31 केन्द्रक कें स्थापना करतय.छात्रक द्ववारा स्टार्टअप्स कें प्रोत्साहित करय कें लेल13 केन्द्रक कें50 लाख टाका कें सालाना वित्त सहायता 3 साल कें लेल प्रदान कैल जेतय.

आई आई टी मद्रास मे स्थापित अनुसंधान पार्क कें तर्ज पइर सात टा नब अनुसंधान पार्कक कें स्थापना .

शिक्षाविदक आ उद्योग कें संयुक्त अनुसंधान एवं विकास कें प्रयासक कें माध्यम सं सफल नवाचारक कें विकास करय कें लेल सरकार 100 करोड टाका प्रति संस्थान कें आरंभिक निवेश कें साथ संस्थानक मे सात टा अनुसंधान पार्क कें स्थापना करतय. इ अनुसंधान पार्क आई आई टी मद्रास मे स्थापित अनुसंधान पार्क कें तर्ज पइर हेतय.

जैव प्रौद्योगिकी सेक्टर मे स्टार्टअप्स कें बढ़ावा देनाय

भारत मे जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र एकटा मजबूत विकास कें मार्ग पइर छै. जैव प्रौद्योगिकी विभाग वर्ष 2020 तइक 2000 स्टार्टाअप्स कें स्थापना करय कें लेल प्रति वर्ष करीब 300-500 नब स्टार्टअप्स कें स्थापना कें लेल प्रयासरत छै.

छात्रक कें लेल अभिनव केंद्रित कार्यक्र मक कें शुरुआत

सरकार युवा छात्र कें बीच अनुसंधान आ नवाचार केंबढ़ावा देतय आ अइ कें लेल कार्यक्रमक जैना अभिनव कोर, निधि (एकटा भव्य चुनौती कार्यक्रम), उच्चतर आविष्कार योजना आदी कें शुरु आत कें छै. शुरु आत मे इ योजनानक केवल आईआईटी कें लेल लागू होंयत आ प्रत्येक परियोजना 5 करोड़ टाका तइक कें सें भ सकय छै.

वार्षिक इनक्यूबेटर ग्रैंड चैलेंज

इन्क्यूबेटर्स एकटा प्रभावी स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र कें निर्माण करय कें लेल प्रारंभिक चरण मे स्टार्टअप्स कें पहचान करयत आ ओकरा अपन जीवन चक्र कें विभिन्न चरणक मे समर्थन देवय मे महत्वपूर्ण भूमिका निभावय अछि.सरकार पहिले चरण मे विश्व स्तर कें इन्क्यूबेटरक कें निर्माण कें दिशा में निवेश करय कें प्रस्ताव कयर रहल छै. शुरु आती लक्ष्य मे ऐना 10 इन्क्यूबेटरक कें स्थापना करनाय छै. एकर लेल सरकार विश्व स्तरीय बनएय कें लायक 10 संभावित इन्क्यूबेटरक कें पहचान करतय. अइ मे सं प्रत्येक के वित्तीय सहायता कें रूप मे10 करोड़ टाका देल जेतय आ इ अइ तरह कें अन्य इन्क्यूबेटरक कें लेल संदर्भ मॉडल बनतय. अइ कें बाद एकरा स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पइर प्रदिर्शत कैल जेतय. ऐना इन्क्यूबेटरक कें पहचान कें लेल ग्रैंड चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित कैल जेतय आ अइ कें वार्षिक रुप सं जारी राखल जेतय.

योजना कें प्रमुख बातक

  1. स्टार्टअप कारोबारियक द्ववारा कमाएल जै वाला मुनाफे पइर व्यावसाय शुरू हुअ कें पहिले तीन साल तइक इनकम टैक्स सं छूट होयत.
  2. ऐहन उद्यमक मे वित्तपोषण कें बढ़ावा देवय कें लेल उद्यमियक द्ववारा कैल गेल निवेश कें बाद अपन संपित्त बेचय पइर 20 प्रतिशत कें दर सं लगय वाला पूंजीगत लाभ टैक्स सें हो छूट होयत. इ छूट सरकार द्ववारा मान्यता प्राप्त उद्यम पूंजीकोषक कें निवेश पइर सें हो उपलब्ध होयत.
  3. सरकार कें‘स्टार्ट अप इंडिया’ कार्यक्र म देश मे नवोन्मेष कें बढ़ावा देवय कें लेल उपयुक्त वातावरण बनेनाय छै ताकी आर्थिक वृद्धि कें बढ़ावा देल जा सकय आ देश मे बड़ा पैमाने पइर रोजगार केंअवसर मुहैया कराएल जा सकय.
  4. सरकार कें तरफ सं एक टा राष्ट्रीय ऋ ण गारंटी ट्रस्ट कंपनी बनावा कें प्रस्ताव छै जइ मे अगले चाइर साल तइक सालाना 500 करोड़ टाका कें बजट आवंटन कैल जेतय.
  5. देश मे नर्वप्रवर्तन सोच कें संग आवय वाला तकनीक आधारित इ नब उद्यमक कें लेल एकटा उदार पेटेंट व्यवस्था सें हो लैल जतय. पेटेंट पंजीकरण मे इ उद्यमक कें पंजीकरण शुल्क मे 80 प्रतिशत छूट देल जेतय.
  6. प्रधानमंत्री जी कें अनुसार दिवाला कानून मे स्टार्ट अप उद्यमक कें कारोबार बंद करय कें लेल सरल निर्गम विकल्प देवय कें प्रावधान सें हों कैल जेतय. अइ कें तहत 90 दिन कें समय मे ही स्टार्ट अप अपन कारोबार बंद करय सकय.
  7. छात्रक कें लेल इनोवेशन कें कोर्स शुरू कैल जेतय आ 5 लाख विद्यालयक मे10 लाख बच्चक पे फोकस कयर क एकरा बढैल जेतय.
  8. प्रधानमंत्री जी ने कहल किन्ह स्व:प्रमाणन आधारित अनुपालन व्यवस्था सं स्टार्टअप पइर नियामकीय बोझ कम होयत. स्व:प्रमाणन अनुपालन कें इ व्यवस्था कर्मचारियक कें ग्रेच्युटी भुगतान, ठेका कर्मचारी, कर्मचारी भविष्य निधि कोष, पानी आ वायु प्रदूषण कानूनक कें मामले मे उपलब्ध होयत.
  9. स्टार्टअप के वित्तपोषण कें समर्थन देवय कें लेल सरकार 2,500 करोड़ टाका कें शुरु आती कोष बनेतय जस मे अगले 4 साल कें दौरान कुल 10,000 करोड़ टाका कें कोष होयत.
  10. दुनियाभर मे स्टार्टअप कें तेसर पइग संख्या भारत मे छै. सरकार इ उद्यमक कें सरकारी खरीद ठेके लेवय कें मामले मे सें हो मानदंड मे कई तरह कें छूट देतय. स्टार्ट अप उद्यमक कें सरकारी ठेकाक मे अनुभव आ कारोबार सीमा कें मामले मे छूट देल जेतय.
  11. अइ मे महिलाआक कें लेल विशेष व्यवस्था कैल गेल छै.

स्रोत: स्टार्टअप इंडिया इंडिया

संबंधित स्रोत:

  1. स्टार्टअप मोबाइल एप्प डाउनलोड करय कें लेल अइ लिंक मे जाऊं
  2. स्टार्टअप मान्यता कें लेल अपन आवेदन भरय कें लेल इ लिंक मे जाऊं
  3. 20 प्रतिशत तइक अनुदान कें लेल आवेदन पत्र कें प्रारूप कें लेल इ लिंक मे जाऊं.
  4. कोनों पी.जी.शैक्षिणक संस्थान स्थापित इनक्यूबेटर कें अनुशंसा पत्र प्रारूप
  5. भारत सरकार द्ववारा मान्यता प्राप्त कोनों इनक्यूबेटर कें अनुशंसा पत्र प्रारूप
  6. भारत/राज्य सरकार द्ववारा सहायता प्राप्त इनक्यूबेटर कें पत्र प्रारूप
  7. स्टार्टअप मान्यता कें प्रमाणीकरण
3.08620689655
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