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राष्ट्रीय रुर्बन मिशन (एनआरयूएम)

भूमिका

भारत सरकार कें श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन कें उद्देश्य आर्थिक सामाजिक आ भौतिक अवसरंचनात्मक सुविधाक कें व्यवस्था कयर ऐहन ग्रामीण क्षेत्र कें विकास करनाय छै. साथ सेहो आर्थिक दृष्टिकोण स आ अवसंरचना व्यवस्था कें लाभ कें इष्टतम बनावा कें दृष्टि स इ कलस्टरक कें लाभ उठावा कें लेल मिशन अगिला पांच वर्षक मे 300 रुर्बन क्लस्टर बनावा कें उद्देश्य अछि. प्रस्तावित अपेक्षित सुविधाक कें संग इ क्लस्टरक कें तैयार कैल जेतय. इ क्लस्टरक कें सकेंद्रित विकास कें लेल अइ मिशन कें अंतर्गत ुपलब्ध करैल जै वाला आवश्यक पूरक वित्तपोषण कें अलावे सरकारक कें विभिन्न योजनाक कें अभिसरण कें माध्यम स हिनका लेल संसाधन जुटयल जतय. अइ मिशन के आब राष्टीय रुर्बन मिशन (एनआरयूएम) कहल जतय.

राष्टीय रुर्बन मिशन (एनआरयूएम) कें विजन

राष्टीय रुर्बन मिशन (एनआरयूएम) मे अइ विजन कें अनुपालन कैल जाय अछि अनिवार्य रूप स शहरी माना जै वाला सुविधाक स समझौता कैल बिना समता आ समावेशन पर जोरय दयत ग्रामीण जनजीवन के मूल स्वरुप कें बनायल रखयत गांव कें क्लस्टर कें ‘रुर्बन गांव’ कें रूप मे विकसित करनाय अछि.

मिशन कें उद्देश्य

राष्टीय रुर्बन मिशन (एनआरयूएम) कें उद्देश्य स्थानीय आर्थिक विकास कें प्रोत्साहन देनाय,आधारभूत सेवाक मे वृद्धि करनाय आ सुव्यवस्थित रुर्बन क्लस्टरक कें सृजन करनाय अछि.

मिशन कें परिणाम

अइ मिशन केंअंतर्गत परिकल्पित वृहतपरिणाम अइ प्रकार अछि.

  1. ग्रामीण शहरी अंतर अर्थात आर्थिक, प्रौद्ययोगिकीय एवं सुविधाक तथा सेवाक स जुडल अंतर के समाप्त करनाय.
  2. ग्रामीण क्षेत्रक मे गरीबी आ बेरोजगारी उपशमन पर बल दयत स्थानीय आर्थिक विकास कें प्रोत्साहन करनाय.
  3. क्षेत्र मे विकास कें प्रयास करनाय.
  4. ग्रामीण क्षेत्रक मे निवेश्के आकर्षित करनाय.

रुर्बन क्लस्टर कि अछि

रुर्बन क्लस्टर’ मैदानीआ तटीय क्षेत्रक मे लगभग 25,000 से 50,000 आबादी वाला तथा मरूभूमि पर्वतीय या जनजातीय क्षेत्रक मे 5,000 स 15,000 तइक कें आबादी वाला भौगोलिक रूप स एक-दोसर कें समीप बसल गांवक कें एकटा क्लस्टर होयत. जतेक तइक व्यहार्य भ सकय, गांव कें क्लस्टर ग्राम पंचायतक कें प्रशासनिक अभिसरण कें इकाइ होयत आ इ प्रशासनिक सुविधा कें दृष्टि स कोनों एकटा ब्लॉक/तहसील कें अधीन होयत.

पंचायती राज संस्थानक कें भूमिका

राज्य नोडल एजेंसी क्लस्टरक मे कैल जा वाला एनआरयूएम कार्यकलापक कें संबंध मे जिला पंचायत समितिक आ ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत पंचायती राज संस्थानक के संग परामर्शा करतय. सबटा भागीदार ग्राम पंचायतक कें ग्राम सभायक इ मिश्न कें ग्राम सभा आ पंचायत समिति संकल्पक कें दूवारा अपनायत. परियोजना अवधि कें दौरान आयोजन क्रियान्वयन निगरानी आ मूल्याकंन स लक सृजित परिसंपत्तिक कें रक रखाव तइक रख-रखाव तइक परियोजना कें चक्र कें सब चरणक मे पीआरआइ सदस्यक के शामिल कैल जतय.

महिलाक एवं सामाजिक वर्गक के समावेशन

क्लस्टर स्तर पर मिशन कें आयोजन आ कार्यान्वयनकें समय सामाजिक वर्गक आ महिलाक कें समावेशन पर विशेष ध्यान दैल जतय आ समस्याक कें समाधान कैल जतय. अइ स राज्यक दूवारा प्रस्तुत कैल जा रहल आइसीएपी मे अनिवार्य रूप स शामिल कैल जतय.

अनूसूचित जातिक ,अनुसूचित जनजातिक ,विकलांग व्यक्तियक आ ऐहन वृद्ध व्यक्ति जेकर देखभाल कर वाला क्यों नहि छै. अकले महिलाक आ सामाजिक रूप स बहिर्वेशिात समुदायक के विशिष्ट जरूरतक एवं विकास संबंधी आवश्यकताक कें समाधान वाला विशिष्ट कार्यकलापाक के क्लस्टर स्तर पर बजक मे शामिल कैल जतय. आइसीएपी आ सीजीएफ आवेदनक कें मूल्याकंन करयत समय मंत्रलय इ पहिलू कें विशेष रुप स समीक्षा करतय. जत- तत उपयुक्त होय ओत मिशन कें सब चरण मे महिलाक कें धारा मे लैल जतय आ महिला संबंधी बजट सुनिश्चित कैल जतय.



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